एक प्रोफेसर के LinkedIn स्टेटस ने सोशल मीडिया पर बहस छेड़ दी है। अब यूनिवर्सिटी ने इस मामले पर आधिकारिक बयान जारी किया है। लेकिन इस पूरी कहानी की शुरुआत एक Robot से हुई — एक ऐसे Robot से, जो था Chinese कंपनी का, लेकिन बताया गया Galgotias University का Innovation।
दिल्ली के Bharat Mandapam में हो रहा था India AI Impact Summit 2026 — देश का सबसे बड़ा AI इवेंट। और वहीं से शुरू हुआ वो विवाद जो पूरे देश में छा गया।
पूरा मामला क्या है? शुरू से समझें
AI Summit के दौरान Galgotias University के स्टॉल पर एक चार पैरों वाला Robot Dog खड़ा था। नाम था “Orion”।
यूनिवर्सिटी की प्रोफेसर Neha Singh, जो Department of Communications की Head हैं, ने Cameras के सामने बड़े जोश में कहा:
“This is Orion. This has been developed by the Centre of Excellence at the Galgotias University.”
यानी उन्होंने दावा किया कि यह Robot Dog Galgotias University ने खुद बनाया है। बात आगे बढ़ी। Video Viral हुई। और फिर सोशल मीडिया ने वो कर दिखाया जो बड़े-बड़े Fact-Checkers भी नहीं कर पाते।
Internet ने कैसे पकड़ी चोरी?
Video देखते ही Tech-Savvy यूज़र्स ने पहचान लिया यह Robot Dog कोई और नहीं, बल्कि Unitree Go2 है। यह एक Chinese Robotics Company Unitree Robotics का Commercially Available Product है, जो Market में लगभग $2,800 (करीब 2.3 लाख रुपये) में मिलता है। इसे कोई भी खरीद सकता है।
Chinese Company ने भी Confirm किया कि हां, यह उन्हीं का Product है। Robot के ऊपर Company की Branding भी लगी हुई थी जो सबके सामने थी।
Social Media पर लोगों ने खूब Trolling की। Memes बने। और मामला इतना बड़ा हो गया कि Government को दखल देना पड़ा।
Ministry ने दिया आदेश स्टॉल खाली करो!
Ministry of Electronics and Information Technology (MeitY) ने Galgotias University को Summit Expo में अपना स्टॉल तुरंत खाली करने का निर्देश दिया। रिपोर्ट्स के मुताबिक, स्टॉल की Electricity काट दी गई और पूरा Stall सुनसान हो गया।
यह किसी University के लिए बड़ी शर्मिंदगी की बात थी वो भी देश के सबसे बड़े AI Event में।
प्रोफेसर Neha Singh ने क्या सफाई दी?
मामला बढ़ता देख प्रोफेसर Neha Singh Cameras के सामने आईं। उन्होंने कहा:
“The controversy happened because things may not have been expressed clearly. I take accountability that perhaps I did not communicate it properly, as it was done with a lot of energy and enthusiasm.”
उन्होंने यह भी कहा कि उनका कभी इरादा नहीं था कि लोग यह समझें कि University ने खुद यह Robot बनाया है। उनके अनुसार, Robot को Students को Inspire करने के लिए लाया गया था ताकि वे खुद कुछ बेहतर बना सकें।
लेकिन तब तक Damage हो चुका था।
‘Open To Work’ स्टेटस जिसने सबको चौंकाया
Controversy के कुछ ही घंटों बाद, लोगों ने Neha Singh का LinkedIn Profile चेक किया। और वहां था “Open To Work” का Green Badge।
बस फिर क्या था। Twitter (X) पर ट्रेंड करने लगा। लोगों ने मान लिया कि Professor को Fire कर दिया गया। Memes की बाढ़ आ गई। कुछ लोगों ने Sympathy जताई, तो कुछ ने इसे Karma बताया।
लेकिन सच क्या था? यहीं आई University की सफाई।
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Galgotias University ने क्या कहा?

University के Registrar Nitin Kumar Gaur ने ANI से बात करते हुए साफ किया कि Neha Singh को Suspend नहीं किया गया है। उन्हें फिलहाल Inquiry पूरी होने तक Duties से अलग रखा गया है।
Gaur ने कहा: “एक इंसान की गलती की वजह से पूरी University को Question नहीं किया जाना चाहिए।”
University ने अपने Official Statement में माना कि उनकी Representative “ill-informed” थीं और उन्हें Product की Technical Origins की जानकारी नहीं थी। University ने यह भी कहा कि Neha Singh को Media से बात करने का Authorization नहीं था।
साथ ही University ने यह भी स्पष्ट किया:
“Galgotias ने यह RoboDog नहीं बनाया, और न ही कभी ऐसा Claim किया।”
RoboDog को Unitree से खरीदा गया था Students को Real-World AI और Robotics का Practical Exposure देने के लिए।
यह ‘Open To Work’ था लेकिन बाद में हट गया
कुछ समय बाद Neha Singh के LinkedIn Profile से “Open To Work” Status हटा दिया गया। न तो University ने, न ही Singh ने officially Confirm किया कि उन्होंने Job छोड़ी है या उन्हें निकाला गया है।
LinkedIn Status अकेले यह Confirm नहीं करता कि किसी की नौकरी गई है यह तो कोई भी लगा सकता है। लेकिन Timing ने लोगों को सोचने पर मजबूर कर दिया।
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इस पूरे विवाद से क्या सीख मिली?
यह Case कई बातें सिखाता है। पहली AI और Technology के इस दौर में झूठे Claim बहुत जल्दी पकड़े जाते हैं। Internet की याददाश्त बहुत तेज़ होती है। दूसरी किसी भी बड़े Event में जो बोला जाए, उसके लिए पूरी तरह तैयारी जरूरी है। और तीसरी Communication Skill का एक Professor यदि Communication में गलती करे, तो Irony दोगुनी हो जाती है।
Neha Singh के LinkedIn Bio में लिखा था “I have a natural flair for language, articulation, and stage presence.” यही Line अब Trolls का सबसे बड़ा हथियार बन चुकी है।
अब आगे क्या?
University ने Inquiry शुरू कर दी है। Neha Singh फिलहाल Duties से अलग हैं। और Galgotias का नाम AI Summit 2026 में किसी Innovation के लिए नहीं, बल्कि एक Chinese RoboDog के लिए याद किया जाएगा।
AI India का Future बनाना चाहता है लेकिन इसके लिए Honesty और Transparency सबसे बड़ी Innovation है।





